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पहला हो चà¥à¤•ा है सिजेरियन ऑपरेशन, कà¥â€à¤¯à¤¾ दूसरी बार हो सकती है नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी
अगर आप दूसरी बार मां बन रही हैं और इससे पहले आपकी सिजेरियन डिलीवरी हà¥à¤ˆ थी तो इस बार आप अपने लिठनॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का विकलà¥â€à¤ª चà¥à¤¨ सकती हैं। कई महिलाओं की सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨ के बाद नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो सकती है लेकिन ये कई कारकों पर निरà¥à¤à¤° करता है।
सिजेरियन के बाद आपकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होगी या नहीं, इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महतà¥â€à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ आपकी और शिशॠकी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ है। ऑपरेशन से डिलीवरी करवाने वाली हर महिला की दूसरी बार नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो सकती है।
सिजेरियन के बाद नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी कà¥â€à¤¯à¤¾ होती है
अगर आपकी पहले ऑपरेशन से डिलीवरी हà¥à¤ˆ है तो अगली बार आप नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी करवा सकती हैं। इसे वजाइनल बरà¥à¤¥ आफà¥à¤Ÿà¤° सिजेरियन कहते हैं। सिजेरियन डिलीवरी में पेट और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ पर बड़ा कट लगाकर सरà¥à¤œà¤°à¥€ कर के बचà¥â€à¤šà¤¾ निकाला जाता है।
सिजेरियन के बाद 10 में से 7 महिलाओं की नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी सफल होती है। अपनी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ के बारे में आपको अपने डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करना चाहिà¤à¥¤
सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ (सिजेरियन) डिलिवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ ये 7 बातें हैं à¤à¥‚ठ, जानें उनका सच
1-
हकीकत: सिजेरियन या सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ सबसे बड़ा मिथक यही है कि इस दौरान किसी तरह का दरà¥à¤¦ नहीं होता। आप नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी करवाà¤à¤‚ या फिर सी-सेकà¥à¤¶à¤¨, बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने में दरà¥à¤¦ होता ही है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की मानें तो चूंकि ऑपरेशन के दौरान आपको à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है इसलिठउस दौरान आपको à¤à¤²à¥‡ ही दरà¥à¤¦ महसूस ना हो लेकिन à¤à¤• बार à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का असर खतà¥à¤® हो जाता है उसके बाद आपको दरà¥à¤¦, तकलीफ और असहजता महसूस होती है जो करीब 10-15 दिनों तक रहता है।
2-
हकीकत: गाइनैकॉलजिसà¥à¤Ÿ डॉ जयंती कामत कहती हैं कि बहà¥à¤¤ से लोगों के मन में ये à¤à¥à¤°à¤® होता है कि चूंकि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ में ऑपरेशन से बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® हà¥à¤† है इसलिठमहिला की डिलिवरी तो हà¥à¤ˆ ही नहीं। लेकिन ये बात पूरी तरह से गलत है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब बचà¥à¤šà¤¾ महिला के शरीर से बाहर आया तो महिला की डिलिवरी हà¥à¤ˆà¥¤ इस बात से कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता कि डिलिवरी वजाइना के जरिठनॉरà¥à¤®à¤² तरीके से हà¥à¤ˆ या फिर यूटà¥à¤°à¤¸ में चीड़ा लगाकर ऑपरेशन के जरिà¤à¥¤
3-
हकीकत: इसमें कोई शक नहीं कि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ या सिजेरियन डिलिवरी à¤à¤• बड़ी सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है जिसमें पेट का ऑपरेशन करके यूटà¥à¤°à¤¸ से बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर निकाला जाता है। इन दिनों सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के इतने जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ केसेज हो रहे हैं कि डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ à¤à¥€ इस दौरान पूरी सावधानी बरतते हैं और यह पूरी तरह से सेफ à¤à¥€ है। डिलिवरी के बहà¥à¤¤ से केसेज में तो सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ बेहद जरूरी हो जाता है और यह मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की लाइफ बचाने का काम करता है। अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¤à¥€ तरह के रिसà¥à¤• के बारे में पहले ही बता देते हैं तो सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी सेफ मानी जाती है।
4-
हकीकत: आपकी डिलिवरी कैसे हà¥à¤ˆ है, नॉरà¥à¤®à¤² या ऑपरेशन से इस बात का आपकी बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करवाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर किसी तरह का कोई असर नहीं होता। इन दिनों जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ में सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी के लिठजनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ की जगह à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है। इसलिठसी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद आप à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी वाली महिलाओं की ही तरह बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करवा सकती हैं।
5-
हकीकत: आमतौर पर महिलाओं के मन में यही डर रहता है कि अगर à¤à¤• बार उनकी सिजेरियन डिलिवरी हो गई तो उसके बाद दूसरी डिलिवरी à¤à¥€ उनकी सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ ही होगी। लेकिन यह बात à¤à¥€ पूरी तरह से सच नहीं है। सिजेरियन के बाद वजाइनल बरà¥à¤¥ करना है या नहीं इसका फैसला कई फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ पर निरà¥à¤à¤° करता है। जैसे- सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के दौरान कितने टांके लगे थे, कितनी बार सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ हो चà¥à¤•ा है, किसी तरह की कोई मेडिकल कंडिशन है या नहीं आदि। लेकिन ये नामà¥à¤®à¤•िन नहीं है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी हो सकती है।
6-
हकीकत: नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी के बाद मां की रिकवरी जलà¥à¤¦à¥€ हो जाती है लेकिन सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ में चूंकि मेजर सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है और टांके लगे होते हैं इसलिठरिकवरी में थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लगता है। लेकिन सिजेरियन डिलिवरी करवाने की वजह से मां या बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद अगर नई मां अपनी रिकवरी का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न रखे तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आगे चलकर सेहत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› दिकà¥à¤•तें हो सकती हैं।
7-
हकीकत: जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को यही लगता है कि चूंकि महिला ने नैचरल तरीके से बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® नहीं दिया है और ऑपरेशन से डिलिवरी हà¥à¤ˆ है इसलिठमां और बचà¥à¤šà¥‡ के बीच बॉनà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग डिवेलप नहीं हो पाती। लेकिन यह बात सच नहीं है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद à¤à¥€ मां की बचà¥à¤šà¥‡ के साथ बॉनà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग उतनी ही सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤— होती है जितनी नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी में।
किन महिलाओं की हो सकती है नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी
यदि महिला के गरà¥à¤ में à¤à¤• शिशॠहै और पहले उसकी सिजेरियन डिलीवरी हो चà¥à¤•ी है तो उसकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी करवाने में कोई दिकà¥â€à¤•त नहीं है। गरà¥à¤ में à¤à¤• बचà¥â€à¤šà¤¾ हो और पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय ऑपरेशन में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बड़ा टांका न आया हो तो à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की जा सकती है।
जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‡ होने और पहले लो टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवरà¥à¤¸ सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨ होने पर à¤à¥€ सामानà¥â€à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ हो सकता है।
किसकी नहीं होती नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी
अगर पहले हाई वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ टांके लगे हों, यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ रपà¥â€à¤šà¤° (इसमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को खोलने पर सिजेरियन सà¥â€à¤•ार होना) और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कोई सरà¥à¤œà¤°à¥€ जैसे कि रसौली निकालने के लिà¤, इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में महिलाओं की दूसरी बार नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है।
अगर दूसरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में लेबर पेन के लिठटà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करने पर कोई मà¥à¤¶à¥à¤•िल आ जाठतो ऑपरेशन कर के ही बचà¥â€à¤šà¥‡ को बाहर निकालने की जरूरत पड़ती है।
सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ (सिजेरियन) डिलिवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ ये 7 बातें हैं à¤à¥‚ठ, जानें उनका सच
1-
हकीकत: सिजेरियन या सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ सबसे बड़ा मिथक यही है कि इस दौरान किसी तरह का दरà¥à¤¦ नहीं होता। आप नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी करवाà¤à¤‚ या फिर सी-सेकà¥à¤¶à¤¨, बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने में दरà¥à¤¦ होता ही है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की मानें तो चूंकि ऑपरेशन के दौरान आपको à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है इसलिठउस दौरान आपको à¤à¤²à¥‡ ही दरà¥à¤¦ महसूस ना हो लेकिन à¤à¤• बार à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का असर खतà¥à¤® हो जाता है उसके बाद आपको दरà¥à¤¦, तकलीफ और असहजता महसूस होती है जो करीब 10-15 दिनों तक रहता है।
2-
हकीकत: गाइनैकॉलजिसà¥à¤Ÿ डॉ जयंती कामत कहती हैं कि बहà¥à¤¤ से लोगों के मन में ये à¤à¥à¤°à¤® होता है कि चूंकि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ में ऑपरेशन से बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® हà¥à¤† है इसलिठमहिला की डिलिवरी तो हà¥à¤ˆ ही नहीं। लेकिन ये बात पूरी तरह से गलत है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब बचà¥à¤šà¤¾ महिला के शरीर से बाहर आया तो महिला की डिलिवरी हà¥à¤ˆà¥¤ इस बात से कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता कि डिलिवरी वजाइना के जरिठनॉरà¥à¤®à¤² तरीके से हà¥à¤ˆ या फिर यूटà¥à¤°à¤¸ में चीड़ा लगाकर ऑपरेशन के जरिà¤à¥¤
3-
हकीकत: इसमें कोई शक नहीं कि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ या सिजेरियन डिलिवरी à¤à¤• बड़ी सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है जिसमें पेट का ऑपरेशन करके यूटà¥à¤°à¤¸ से बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर निकाला जाता है। इन दिनों सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के इतने जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ केसेज हो रहे हैं कि डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ à¤à¥€ इस दौरान पूरी सावधानी बरतते हैं और यह पूरी तरह से सेफ à¤à¥€ है। डिलिवरी के बहà¥à¤¤ से केसेज में तो सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ बेहद जरूरी हो जाता है और यह मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की लाइफ बचाने का काम करता है। अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¤à¥€ तरह के रिसà¥à¤• के बारे में पहले ही बता देते हैं तो सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी सेफ मानी जाती है।
4-
हकीकत: आपकी डिलिवरी कैसे हà¥à¤ˆ है, नॉरà¥à¤®à¤² या ऑपरेशन से इस बात का आपकी बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करवाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर किसी तरह का कोई असर नहीं होता। इन दिनों जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ में सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी के लिठजनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ की जगह à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है। इसलिठसी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद आप à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी वाली महिलाओं की ही तरह बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करवा सकती हैं।
5-
हकीकत: आमतौर पर महिलाओं के मन में यही डर रहता है कि अगर à¤à¤• बार उनकी सिजेरियन डिलिवरी हो गई तो उसके बाद दूसरी डिलिवरी à¤à¥€ उनकी सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ ही होगी। लेकिन यह बात à¤à¥€ पूरी तरह से सच नहीं है। सिजेरियन के बाद वजाइनल बरà¥à¤¥ करना है या नहीं इसका फैसला कई फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ पर निरà¥à¤à¤° करता है। जैसे- सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के दौरान कितने टांके लगे थे, कितनी बार सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ हो चà¥à¤•ा है, किसी तरह की कोई मेडिकल कंडिशन है या नहीं आदि। लेकिन ये नामà¥à¤®à¤•िन नहीं है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी हो सकती है।
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हकीकत: नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी के बाद मां की रिकवरी जलà¥à¤¦à¥€ हो जाती है लेकिन सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ में चूंकि मेजर सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है और टांके लगे होते हैं इसलिठरिकवरी में थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लगता है। लेकिन सिजेरियन डिलिवरी करवाने की वजह से मां या बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद अगर नई मां अपनी रिकवरी का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न रखे तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आगे चलकर सेहत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› दिकà¥à¤•तें हो सकती हैं।
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हकीकत: जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को यही लगता है कि चूंकि महिला ने नैचरल तरीके से बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® नहीं दिया है और ऑपरेशन से डिलिवरी हà¥à¤ˆ है इसलिठमां और बचà¥à¤šà¥‡ के बीच बॉनà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग डिवेलप नहीं हो पाती। लेकिन यह बात सच नहीं है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद à¤à¥€ मां की बचà¥à¤šà¥‡ के साथ बॉनà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग उतनी ही सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤— होती है जितनी नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी में।
किस वजह से संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है कम
अधिक उमà¥à¤° में कंसीव करने, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के 40वें हफà¥à¤¤à¥‡ पार करने, बॉडी मास इंडेकà¥â€à¤¸ 40 या इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान वजन अधिक बढ़ने, पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पà¥â€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾, पहली डिलवरी 18 महीने के आसपास पहले हà¥à¤ˆ हो, पहले दो या इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨ डिलीवरी हà¥à¤ˆ हो तो इन महिलाओं में नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है।
सिजेरियन के बाद नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के जोखिम
सिजेरियन के बाद नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में दोबारा ऑपरेशन से डिलीवरी करवाने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आने का कम खतरा रहता है। सिजेरियन के बाद लेबर पेन के लिठटà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करने पर महिलाओं को यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ टूट सकता है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मां और शिशॠके लिठजानलेवा साबित हो सकती है।
इस दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के खोलने वाली जगह पर सिजेरियन सà¥â€à¤•ार हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ की जान बचाने के लिठतà¥à¤°à¤‚त सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨ करवाने की जरूरत पड़ सकती है।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के फायदे
सिजेरियन डिलीवरी की बजाय नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी करवाने से कई फायदे होते हैं जैसे कि सरà¥à¤œà¤°à¥€ नहीं करवानी पड़ती है, खून कम बहता है, जलà¥â€à¤¦à¥€ रिकवरी होती है, संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा कम होता है, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ को चोट लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है।
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